“तेलीबांधा नाम से छेड़छाड़ साहू समाज की अस्मिता से छेड़छाड़ है " : सरकार नामकरण का फैसला तत्काल वापस ले ~ टिकेश साहू
“तेलीबांधा नाम से छेड़छाड़ साहू समाज की अस्मिता से छेड़छाड़ है, सरकार फैसला तत्काल वापस ले” — टिकेश साहू
फिंगेश्वर/गरियाबंद
तेलीबांधा चौक का नाम बदले जाने के निर्णय को लेकर जिला साहू संघ गरियाबंद के मीडिया प्रभारी टिकेश साहू ने सरकार के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट विरोध दर्ज कराया है। “तेलीबांधा कोई ऐसा नाम नहीं है जिसे प्रशासनिक आदेश की कलम से मिटा दिया जाए। यह नाम साहू समाज की पहचान, आस्था, इतिहास और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। समाज की भावनाओं को दरकिनार कर लिया गया कोई भी निर्णय हमें स्वीकार नहीं है।”
उन्होंने कहा कि सरकार को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि किसी नाम को बदल देने मात्र से उससे जुड़ा इतिहास और सामाजिक पहचान समाप्त हो जाएगी। विकास के नाम पर वर्षों से स्थापित सामाजिक पहचान को हटाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। “हमें विकास से आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर पहचान मिटाने की कोशिश मंजूर नहीं होगी। चौक का सौंदर्यीकरण करना है तो कीजिए, नई सुविधाएं देनी हैं तो दीजिए, लेकिन तेलीबांधा नाम को हटाने का अधिकार किसी को नहीं है।” उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार से कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना सरकार के हित में भी नहीं है। सरकार तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और तेलीबांधा नाम को यथावत रखने की घोषणा करे। साहू ने कहा कि “साहू समाज अपनी पहचान और सम्मान के सवाल पर चुप बैठने वाला नहीं है। हम पूरी मजबूती के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे और सरकार के समक्ष समाज की भावनाओं को स्पष्ट रूप से रखेंगे। यह केवल एक नाम का विषय नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक अस्मिता और सम्मान का प्रश्न है।” सरकार को जिद पर नहीं, संवाद और संवेदनशीलता पर आगे बढ़ना चाहिए। समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल निर्णय वापस लेना ही उचित रास्ता है।
साहू का दो टूक संदेश
“तेलीबांधा हमारी पहचान है। पहचान के साथ समझौता नहीं होगा। सरकार फैसला बदले, समाज की भावना का सम्मान करे।”
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