बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा का सत्ता में पहुंचना नामुमकिन : इसलिए ईवीएम और वोट चोरी के बचाव में खड़ी है भाजपा ~ रमेश शर्मा
बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो भाजपा 50 साल सत्ता से दूर रहेगी-रमेश शर्मा
इसलिए ईवीएम और वोट चोरी के बचाव में खड़ी भाजपा
छुरा(गरियाबंद) देवेन्द्र साहू। 08 अक्टूबर 2026।गरियाबंद जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा की भाजपा की चुनावी जीत के पीछे जनता का भरोसा नहीं बल्कि ईवीएम की गड़बड़ी और वोट चोरी का साया है। यदि देश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से बैलेट पेपर से आम चुनाव करा दिए जाए तो भाजपा आने वाले 50 वर्षों तक सत्ता से दूर हो जाएगी। यही वजह है कि भाजपा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग से घबरा रही है। और ईवीएम वोट चोरी के समर्थन में पूरी ताकत से खड़ी है। आजादी के बाद से लंबे समय तक मांग संघ समर्थित दलों को जनता ने सत्ता से दूर रखा है। जनसंघ से जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी तक का सफर बताता है कि भाजपा को अपना राजनीतिक स्वरूप और नाम बदलने पड़े आज जनता भाजपा को जुमला पार्टी के नाम से पुकार रही है भाजपा को डर है कि यदि चुनाव में बैलट पेपर की पारदर्शी व्यवस्था लागू हुई तो उनके दावों की वास्तविकता जनता के सामने आ जाएगी। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार से किसान युवा व्यापारी महिलाएं और आम नागरिक परेशान है। वादा खिलाफी महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार और जन विरोधी नीतियों से जनता में व्यापक नाराजगी है। यहां तक भाजपा से जुड़े लोगों में भी असंतोष है जब जनता में इतनी नाराजगी है तो भाजपा चुनाव जीत कैसे रही है? यही सवाल जनता के मन में है और चुनाव भीम की पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब भाजपा को देना चाहिए भाजपा यदि वास्तव में अपने जन समर्थन और चुनावी जीत को लेकर अस्वस्थ है तो बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर उसे सामने आकर सहमति देनी चाहिए भाजपा बैलैट पेपर से क्यों डर रही है? जनता को इसका जवाब चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी करने का सबसे आसान रास्ता निष्पक्ष पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया है। शर्मा ने कहा कि भाजपा जिस तरह बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर बेचैन हो रहे हैं उससे सवाल और गहरे होते हैं। दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल में काली नजर आ रही है। भाजपा को ईवीएम पर भरोसा है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में उसे आपत्ति क्यों है? कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि चुनाव ऐसी व्यवस्था से होने चाहिए कि जिस पर मतदाता को पूरा भरोसा हो जनता के मत की पवित्रता में किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। भाजपा को ईवीएम के पीछे जीतने के बजाय जनता के सामने आकर पारदर्शी चुनाव को चुनौती स्वीकार करनी चाहिए अगर जीत जनता के वोट से है तो बैलैट पेपर से चुनाव कराने से डर कैसा?
विज्ञापन