देवेन्द्र साहू। कौन है बीजेपी की कलिता माजी...? : बर्तन मांजने से विधायक बनने तक का सफर..…!
**देवेन्द्र साहू**
न्यूज़ डेस्क । पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम आने के साथ ही यह साफ हो गया कि राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। सोमवार (4 मई 2026) को आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी 294 में से 206 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 80 सीटों तक सिमट कर रह गई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक शख्स की जीत की हर तरफ चर्चा है। हम बात कर रहे हैं घर-घर में बर्तन मांजने का काम करने वालीं घरेलू कामगार कलिता माजी की जिन्होंने औशग्राम विधानसभा से शानदार जीत हासिल की है।आपको बता दें कि कलिता माजी को बीजेपी ने औशग्राम विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया था और जनता ने भी उन पर भरोसा जताया। औशग्राम विधानसभा क्षेत्र बोलपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। उनकी यह जीत ऐसे समय आई है जब भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल की है।कलिता माजी को 1,07,692 वोट मिले और उन्होंने टीएमसी के श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। माजी ने घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया था और उनकी मेहनत रंग लाई ।
कौन हैं कलिता माजी?@@@@@@
कलिता माजी गुस्कारा नगरपालिका की निवासी हैं और राजनीति में आने से पहले तक वह 3-4 घरों में बर्तन मांजने का काम करती है। जमीनी जुड़ाव के चलते उनकी उम्मीदवारी चुनाव में काफी चर्चा में रही। वह हर महीने करीब 3-4 हजार रुपये कमाती हैं और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं।गुस्कारा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 के मझपुकुर पार की रहने वाली कलिता अपने पति सुब्रता माजी के साथ रहती हैं। उनके पति और बेटा, उन पर गर्व करते हैं। माजी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार से प्रभावित है। सरकारी स्कूलों की हालत खराब है। मैं स्कूलों पर भी ध्यान दूंगी क्योंकि वे आने वाली पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। मैं किसानों की समस्याओं पर भी गौर करूंगी।
2021 में भी बीजेपी ने जताया था भरोसा@@@@
आपको बता दें कि कलिता माजी इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी चुनाव लड़ चुकी हैं। लेकिन तब वह तृणमूल कांग्रेस के अभेदनंदा थंडर से 11,815 वोटों से हार गई थीं। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव में दोबारा टिकट दिया। पार्टी का यह फैसला कलिता के स्थानीय प्रभाव पर भरोसे को दिखाता है जो इस बार चुनावी जीत में बदलता नजर आया।
चुनाव प्रचार के लिए काम से एक महीने की छुट्टी@@@@@
कलिता माजी चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने और निर्वाचन क्षेत्र के लोगों तक पहुंचने के लिए काम से एक महीने की छुट्टी ली थी। चुनाव प्रचार के दौरान इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए माजी ने कहा था, "मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मुझे यह अवसर दोबारा मिलेगा। पार्टी ने मुझ पर भरोसा दिखाया है और यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

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