सुशासन तिहार का अघोषित बहिष्कार कर सरपंच संघ : बैठा जनपद परिसर में धरना पर ~ पंचायतों में 18 महीनों से विकास कार्य ठप्प
देवभोग (गरियाबंद) देवेन्द्र साहू ।-: गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक अंतर्गत मांडागांव में जहां शासन-प्रशासन द्वारा "सुशासन तिहार" कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के सरपंच संघ ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए जनपद पंचायत परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।लगभग 53 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी लंबित मांगों और विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
धरना प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ ने पंचायतों में लंबित विकास कार्यों की स्वीकृति, निर्माण सामग्री एवं राशि उपलब्ध कराने, मनरेगा के तहत रुके कार्यों को शुरू करने तथा योजनाओं के अटके भुगतान जारी करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। धरना स्थल पर मौजूद सरपंच पवन यादव, तूलेश्वरी माझी, परमानंद नागेश, विश्वजीत ठाकुर, ठुकेलश धुर्वा, छायासन सोनवानी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले लगभग 18 महीनों से मनरेगा के तहत पुल-पुलिया और अन्य बड़े निर्माण कार्यों को स्वीकृति नहीं मिली है, जिससे गांवों का विकास पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। पंचायतों की फाइलें लगातार लंबित पड़ी हैं और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि "सुशासन तिहार" का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान बताना है, लेकिन जब पंचायत प्रतिनिधियों की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।धरना प्रदर्शन के दौरान सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले सप्ताह में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और विकास कार्यों को स्वीकृति नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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