BREAKING NEWS

मिशन 2028 की तैयारी अभी से शुरु करे कांग्रेस जन ~ रुपेश साहू

का आरोप, सप्ताह भर में जांच नही तो होगा जनपद का घेराव ~ रुपेश साहू

गरियाबंद (छत्तीसगढ़) / देवेन्द्र साहू।

बढा़ हुआ समर्थन मूल्य 258 रुपये का भी भुगतान भी हो ~ टिकेश साहू

भाजपा में मची खलबली ~ रुपेश साहू

Advertisment

कांग्रेस संगठन के कुशल शिल्पकार, सर्व प्रिय -जमीनी जननायक, छ.ग.शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व अध्यक्ष माननीय श्री मोहन मरकाम जी को जन्मदिन(15 सितंबर) की हार्दिक बधाई ,कोटि -कोटि शुभकामनाएं: - विनीत ~~ समस्त शुभचिंतक गण - गरियाबंद (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त प्रभारी माननीय श्री सुखदेव भगत जी के छत्तीसगढ़ की पावन धरा में प्रथम आगमन पर हार्दिक स्वागत, शत-शत अभिनंदन: - विनीत ~ समस्त कांग्रेस परिवार गरियाबंद (छ.ग.) दिनांक 27 सितं. रायपुर

राष्ट्र निर्माण के महान शिल्पी बाबू जगजीवन राम को छत्तीसगढ़ प्रदेश : सतनामी समाज ने दी श्रद्धांजलि, किया नमन...

Deekay Thakur

Tue, Jul 7, 2026

राष्ट्रनिर्माण के महान शिल्पी बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि. सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अमर पुरोधा थे बाबू जगजीवन राम. परिनिर्वाण दिवस (6 जुलाई) पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सतनामी समाज ने किया नमन. रायपुर/गरियाबंद। भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाज सुधारक तथा सामाजिक न्याय के महान पुरोधा बाबू जगजीवन राम के परिनिर्वाण दिवस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सतनामी समाज ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रनिर्माण में उनके अतुलनीय योगदान का स्मरण किया। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का संपूर्ण जीवन समानता, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 5 अप्रैल 1908 को बिहार के भोजपुर जिले के चंदवा गाँव में जन्मे बाबू जगजीवन राम ने सामाजिक विषमताओं और भेदभाव का सामना करते हुए शिक्षा प्राप्त की तथा अपने संघर्ष, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के सर्वोच्च नेताओं में स्थान बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। स्वतंत्र भारत में उन्होंने श्रम, संचार, रेल, खाद्य एवं कृषि तथा रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया। प्रशासनिक दक्षता, दूरदर्शी सोच और जनहितकारी निर्णयों के कारण वे देश के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में गिने जाते हैं। रक्षा मंत्री के रूप में वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व में भारत ने ऐतिहासिक विजय प्राप्त की, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का उदय हुआ। बाद में उन्होंने भारत के उप-प्रधानमंत्री के रूप में भी देश की सेवा की। बाबू जगजीवन राम ने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, किसानों के हितों के संवर्धन, रेल सेवाओं के विस्तार तथा प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका स्पष्ट मत था कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान, अवसर और न्याय प्राप्त हो। छत्तीसगढ़ प्रदेश सतनामी समाज ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि बाबू जगजीवन राम केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संविधान के प्रति आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया कि शिक्षा, संघर्ष, ईमानदारी और सेवा के माध्यम से समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। समाज ने युवाओं से बाबू जगजीवन राम के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कि सामाजिक न्याय, समान अवसर, शिक्षा, राष्ट्रीय एकता और संविधान की भावना को जन-जन तक पहुँचाया जाए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सतनामी समाज ने सभी नागरिकों से बाबू जगजीवन राम के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समरस, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। "महान व्यक्तित्व कभी केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बनते, वे अपने विचारों और आदर्शों से आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहते हैं। बाबू जगजीवन राम का जीवन इसी अमर प्रेरणा का प्रतीक है।"। भागचंद चतुर्वेदी प्रधान पाठक राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत। राजिम छत्तीसगढ़

विज्ञापन

जरूरी खबरें