फिंगेश्वर(गरियाबंद)।भाजपा ने दलितों के साथ अन्याय करने के साथ : दलित, आदिवासी और ओबीसी वर्ग का अधिकार भी छीना है-टिकेश साहू
Deekay Thakur
Tue, May 5, 2026
भाजपा ने वंचित वर्गों के साथ अन्याय ही किया है,दलित आदिवासी और ओबीसी वर्ग का अधिकार छीना है-टिकेश साहू
देवेन्द्र साहू
फिंगेश्वर (गरियाबंद)।भारतीय जनता पार्टी की सरकारों पर वंचित वर्गों के साथ अन्याय और भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस सोशल मीडिया सह प्रभारी टिकेश साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मूल रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग विरोधी है। भारतीय जनता पार्टी का चरित्र रहा है कि विभिन्न वंचित वर्ग के लोगों को सिर्फ मतदाता के रूप में उसे यूज़ करती है छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था उसी समय यह विधेयक को राजभवन में रोक लगा दिया गया। भाजपा की सरकार बनने के बाद कमेटी बनाकर लटका दिया गया यदि भाजपा पिछड़ा वर्ग के हितैषी है। तो अभी तक आरक्षण विधेयक क्यों लागू नहीं किया गया? इस विधेयक में सभी वर्गों के लिए आरक्षण है। अनुसूचित जाति को प्रदेश में उनकी आबादी के हिसाब से 20 से बढ़ाकर 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति को 12 से बढ़ाकर 13 और पिछड़ा वर्ग के लिए 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत इसके अलावा सामान्य वर्ग के गरीब अर्थात ईडब्ल्यूएस के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन भाजपा नहीं चाहती है कि वंचित वर्गों को उनके हक के अनुरूप आरक्षण मिले राहुल गांधी पिछड़ा वर्ग के लोगों से मिलकर उनकी समस्या को आगे कर रहे हैं इस देश में जाति जनगणना हो रही है राहुल गांधी की आवाज उठाने के कारण हो रही है। साहू ने कहा है कि ओबीसी विरोधी केंद्र की मोदी सरकार पिछड़ा वर्ग समुदाय को महिला आरक्षण में पृथक से कोटा देना ही नहीं चाहती, जनगणना 2026-27 में जो घरों की गिनती के लिए ऑनलाइन फॉर्म जारी किया गया है उसमें केवल अनुसूचित जाति अनुसूचित,जनजाति और सामान्य वर्ग का कालम है अन्य पिछड़ा वर्ग ऑप्शन में है, ही नहीं झूठे वादे करके भ्रम फैलाना और उसका राजनीतिक लाभ लेने के बजाय घरों की गणना फॉर्म में भी अन्य पिछड़ा वर्ग का विकल्प दें सरकार। उन्होंने है कि भाजपा सरकार ने स्थानीय निकाय त्रि-स्तरीय पंचायत और नगरी निकाय चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों में षडयंत्र पूर्वक ओबीसी विरोधी परिवर्तन किया है। पहले तो कहा गया था। पिछड़ा वर्ग के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण किया जाएगा जब नियम बनाया तो पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण शून्य की स्थिति में पहुंच गया पूरे प्रदेश में जिला पंचायत का एक भी अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुआ नये आरक्षण प्रावधान में पिछड़ा वर्ग के लिए पंचायतों में आरक्षण कम कर दिया गया।
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