युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में बढ़ी सरगर्मियां : एक व्यक्ति -एक पद के फार्मूला के साथ सदस्यता के लिए IYC एप, बड़े नेताओं के नाम के उपयोग पर पाबंदिया भी होगी शर्तो में..
रायपुर(छत्तीसगढ़)। देवेन्द्र साहू / में युवा कांग्रेस चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। देश और प्रदेश की राजनीति में युवाओं की साफ-सुथरी और मजबूत भागीदारी तय करने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने अपने चुनाव और नए सदस्य बनाने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा मकसद यह है कि संगठन में 'पैसे' या बड़े नेताओं की 'पहुंच' का असर खत्म हो और जमीन पर पसीना बहाने वाले आम कार्यकर्ताओं को आगे आने का सीधा मौका मिले। युवा कांग्रेस ने 'सोशल इंजीनियरिंग' के इस नए फॉर्मूले में अब उन युवाओं को तरजीह दी जाएगी, जिनके पास जमीन पर अपना जनाधार है। पहली बार संगठन के भीतर महिलाओं, पिछड़ों और दिव्यांगों के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण पद तय कर दिए गए हैं। बताया गया है कि पार्टी ने संगठन को ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक एक नया और पारदर्शी रूप दिया है। ब्लॉक कमेटी में 21 और विधानसभा कमेटी में 33 सदस्य होंगे, और यहां चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 10 वोट लाना जरूरी होगा। इसी तरह, जिला और राज्य स्तर की कमेटियों (जिनमें 14 से लेकर 53 तक सदस्य होंगे) के लिए कम से कम 20 वोटों की शर्त रखी गई है। कुछ जिलों में से 12.5% जिलों में अध्यक्ष का पद केवल एससी/एसटी वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
75 रुपए में सदस्यता, पेमेंट के बाद ही वोटिंग वैध @@@@@@@@@@@@@@
नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार के बारे में यह मान लिया जाएगा कि उसने संगठन में अपने मौजूदा पद से इस्तीफा दे दिया है। नामांकन के बाद ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू होगा, जहां 75 रुपए फीस भरने वाले सदस्य अपनी पसंद के उम्मीदवार को चुन सकेंगे। एक सदस्य ब्लाक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक छह वोट डाल सकेंगे। पेमेंट ओके होने के बाद ही वोटिंग पूरी मानी जाएगी, पेमेंट नहीं होने पर वह वोटिंग में रहेगा।
शिकायत के लिए 1000 रुपए शुल्क@@@@@@@@@
शिकायत केवल 'आईवाईसी एप' के माध्यम से लिखित सबूतों के साथ दर्ज की जा सकती है, जिसके लिए 1000 रुपये का शुल्क देना होगा। ई-मेल के जरिए कोई शिकायत स्वीकार नहीं होगी और एक तय समय सीमा के बाद आपत्तियां नहीं सुनी जाएंगी। उम्र पर आपत्ति जताने के लिए वोटर आईडी या आधार कार्ड को उम्र का मान्य प्रमाण नहीं माना जाएगा।
प्रचार के लिए एजेंसी का उपयोग, तो अपात्र होंगे @@@@@@@@
उम्मीदवारों को आदर्श आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रचार के लिए अखबारों में विज्ञापन नहीं दे सकेंगे साथ ही निजी या बाहरी एजेंसी को हायर करने वाले अपात्र हो जाएंगे। किसी बड़े नेता के नाम व उनकी तस्वीर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उन्हें एसएमएस और सोशल मीडिया कैंपेन की अनुमति दी गई है। चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं वियसआईवाईसी एप से होंगी।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए 20 हजार व जिला अध्यक्ष के लिए 7500 रुपए शुल्क@@@
चुनाव लड़ने वाले पदाधिकारियों के लिए शुल्क भी निर्धारित की गई है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए अधिकतम 20 हजार तो जिलाध्यक्ष के लिए 7500 रुपए शुल्क देना होगा। इसके अलावा जिसमें महिलाएं, एससी/एसटी और गरीबी रेखा से नीचे बीपीएल आने वाले उम्मीदवारों को भारी रियायत दी गई है। पिछली बार हुए चुनाव में यह शुल्क कम था। इसी तरह सदस्यता शुल्क पिछली बार 50 रु. रखा गया था।
पद शुल्क छूट के बाद
प्रदेश अध्यक्ष 20000₹ 10000₹
प्रदेश महासचिव 10000₹ 7500₹
जिला अध्यक्ष 7500₹ 3000₹
जिला महासचिव 3000₹ 1500₹
विधानसभा कमेटी 1000₹ 500₹
ब्लॉक कमेटी 150₹ 100₹
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