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: गंगरेल बांध में सिर्फ आठ फीसदी पानी शेष , यदि मानसून में देरी हुई तो गहरा सकता है जल संकट....

Admin

Thu, May 30, 2024
गंगरेल बांध में सिर्फ आठ फीसदी पानी शेष , यदि मानसून में देरी हुई तो गहरा सकता है जल संकट.... धमतरी ।छत्तीसगढ़ का गंगरेल बांध अपने इतिहास के सबसे गंभीर जल संकट के दौर से गुजर रहा है फिलहाल बांध की कुल क्षमता के मुकाबले सिर्फ 8 फीसदी पानी बचा हुआ है भूजल खतरनाक स्तर तक नीचे जा चुका है ,अभी मानसून आने में करीब 3 हफ्ते का समय बाकी है ऐसे में अगर मानसून के आने में थोड़ी और देर हो गई तो स्थिति भयावह हो सकती है धमतरी स्थित गंगरेल बांध की जल भराव क्षमता कल 32 टीएमसी है एक टीएमसी का मतलब थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट है इसे आसनान भाषा में समझे तो तो एक टीएमसी का मतलब 28अरब 31 करोड़ लीटर पानी होता है अभी बांध में सिर्फ दो टीएमसी उपयोगी जल शेष रह गया है। यदि इन आंकड़ो को तस्वीरों से समझने की कोशिश करें तो गंगरेल बांध के पुराने तस्वीर और अभी ताजा फोटो में तुलना से साफ हो जाता है कि समस्या कितनी विकराल रूप धारण कर चुकी है ।पहले लबालब भरे बांध में बोटिंग होती थी अब सुखी पथरीली जमीन नजर आ रही है कहीं दूर में पानी दिखाई दे रहा है जो बचा हुआ पानी है। और जो खपत है उसके मुताबिक इतना पानी करीब 85 दिन की चल पाएगा 1978 में बने गंगरेल बांध में इस तरह की गंभीर जल संकट पहले बार देखा जा रहा है । गंगरेल बांध से ही भिलाई इस्पात संयंत्र को पानी की सप्लाई होती है इसके अलावा धमतरी, रायपुर, बिरगांव नगर निगम के लाखों लोगों को भी पेयजल गंगरेल से ही मिलता है फिलहाल गंभीर स्थिति को देखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र को पानी की सप्लाई रोक दी गई है ,लेकिन पेयजल के लिए पानी लगातार दिया जा रहा है प्रशासन में स्पष्ट कर दिया है कि बांध का डेड़ स्टोरेज हिट हो चुका है ऐसे में आति आवश्यक चीजों के लिए ही पानी दिया जा सकता है, यहां तक की किसी गांव में निस्तारी जलसंकट हुआ तो भी का गंगरेल से पानी नहीं मिल पाएगा। बांध में जल संकट का सबसे मुख्य कारण बीते साल कमजोर बारिश है दूसरा बड़ा कारण भूजल स्तर का खतरनाक लेवल तक नीचे जाना है ऐसे में पांच जिलों के 800 से अधिक तालाबों को गंगरेल बांध से ही भरना पड़ा ताकि लोगों को निस्तारी जल के लिए जद्दोजहद न करना पड़े । सिर्फ धमतरी जिले की बात करें तो यहां 750 हैंड पंप सूख चुके हैं इससे जल संकट की गंभीरता को समझा जा सकता है।

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