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गरियाबंद (छत्तीसगढ़) / देवेन्द्र साहू।

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रायपुर (छत्तीसगढ़)।देवेन्द्र साहू / सूचना का अधिकार अधिनियम : अफसरों से वसूलें गये ₹2,50,000 का जुर्माना..सवा लाख पन्नों की जानकारी मुफ्त निशुल्क देने के आदेश...।

Deekay Thakur

Mon, May 4, 2026

ढाई लाख अफसरों से वसूलें, सवा लाख पत्रों की जानकारी मुफ्त मुहैया कराएं....

देवेन्द्र साहू @ रायपुर(छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में सूचना के अधिकार कानून के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य सूचना आयोग ने रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी पर भारी जुर्माना लगा दिया है। पांच अलग-अलग मामलों की सुनवाई में आयोग ने चार मामलों में अधिकतम 25-25 हजार रुपये और एक मामले में 17,500 रुपये का जुर्माना लगाया। इस प्रक्रिया में आने वाले 2 लाख 56 हजार रुपये का खर्च भी अधिकारियों से ही वसूल किया जाएगा।आयोग ने पाया कि संबंधित अधिकारी ने निर्धारित समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। कई मामलों में अधूरी और भ्रामक जानकारी दी गई, जिसे कानून की मूल भावना के खिलाफ माना गया। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए यह सख्त कदम उठाया।

आरटीआई के तहत अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना****@

एक अन्य मामले में आयोग ने आवेदक को 1,26,000 पत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इस प्रक्रिया में आने वाले लगभग 2.56 लाख रुपये हैे खर्च की वसूली भी संबंधित अधिकारी से ही की जाएगी।

आयोग का मानना है कि यह स्थिति अधिकारी की देरी और लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई।****""@

इस मामले के आवेदक विकास तिवारी ने इसे एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह मेरे लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के अधिकारों की जीत है। आरटीआई कानून कमजोर वर्गों का सबसे बड़ा हथियार है। मैंने यह लड़ाई पूरी ईमानदारी और रणनीति के साथ लड़ी है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। यह फैसला हजारों छात्रों और अभिभावकों के हित में है, जो शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं।

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