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मोदी गारंटी फेल एक लाख सरकारी नौकरी के साथ सौ दिन में नियमितीकरण का वादा निकला झूठा ~ टिकेश साहू

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भर्तियों पर ब्रेक लगा कर युवाओं से छल कर रही सरकार : मोदी गारंटी फेल एक लाख सरकारी नौकरी के साथ सौ दिन में नियमितीकरण का वादा निकला झूठा ~ टिकेश साहू

Deekay Thakur

Tue, Oct 13, 2026

भर्तियों पर ब्रेक लगाकर युवाओं से छल कर रही है सरकार – टिकेश साहू

मोदी की गारंटी फेल,1 लाख सरकारी नौकरी,100 दिन में नियमितीकरण का वादा निकला झूठा

**फिंगेश्वर/ राजिम/(छत्तीसगढ़)देवेन्द्र साहू**13 अक्टूबर 2026। रिक्त सरकारी पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाते हुए राजिम विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता टिकेश साहू ने कहा है कि भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत 100 दिनों के भीतर अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और युवाओं के लिए नियमित पदों पर 1 लाख सरकारी भर्तियों का वादा किया था। हकीकत यह है कि नई भर्तियों पर ब्रेक लगा दिया गया है, शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती, वन विभाग और न्यायिक सेवा में नियुक्ति बाधित है, पीएससी भर्ती परीक्षाओं का भी हाल सर्वविदित है और पुरानी प्रक्रियाओं को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने राज्य के युवाओं और लाखों अनियमित कर्मचारियों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात किया है। मोदी की गारंटी का ढोल पीटकर सत्ता में आई साय सरकार ने 100 दिनों के भीतर नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन आज युवा और अनियमित कर्मचारी सड़कों पर गुहार लगाने को मजबूर हैं। भर्तियों को रोककर और युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेलकर भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके वादे सिर्फ वोट बटोरने का जुमला थे। भाजपा सरकार द्वारा युवाओं और अनियमित कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही और मंशा की कमी के कारण राज्य के लाखों योग्य युवा उम्रदराज हो रहे हैं। नियमितीकरण के लिए कोई स्पष्ट नीति या बजट प्रावधान नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट है कि यह केवल चुनावी जुमला था। राज्य के लगभग 15 लाख युवा और संविदा, अनियमित कर्मचारी सीधे प्रभावित हैं। आर्थिक अनिश्चितता के कारण युवाओं में भारी मानसिक तनाव और आक्रोश है।

श्री साहू ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने लगभग सभी विभागों में नियमित पदों पर भर्ती की, निजी क्षेत्रों में भी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार मिला, शिक्षित युवाओं को ई श्रेणी का पंजीयन करवाकर सरकारी ठेकों में काम दिए, बेरोजगारी भत्ता लागू किया, राजीव गांधी युवा मितान क्लब के जरिए युवाओं को जोड़ा और विपरीत परिस्थितियों में भी रिकॉर्ड भर्तियां व पदोन्नतियां निकाली थीं, जिसके चलते बेरोजगारी दर ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम मात्र 0.6 प्रतिशत थी, भाजपा की सरकार में बेरोजगारी चरम पर है। भाजपा ने सत्ता में आते ही युवाओं के सपनों और भविष्य की बलि चढ़ा दी है। राज्य के युवाओं के अधिकारों को छीनकर आउटसोर्सिंग के द्वारा बाहरी लोगों को लाभ पहुँचाने और छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेरोजगार रखने की साजिश की जा रही है। सत्ता में आए 900 दिन से अधिक बीत चुके हैं, 100 दिन का वादा आपका था, तो नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना बंद करें सरकार। सरकार की वादाखिलाफी और देरी के कारण जो युवा ओवर-एज हो रहे हैं, उनके भविष्य का हिसाब कौन देगा? बजट में नियमितीकरण का प्रावधान क्यों नहीं? अगर नियत साफ थी, तो अनुपूरक व मुख्य बजट में अनियमित कर्मचारियों के समायोजन के लिए फंड का आवंटन क्यों नहीं किया गया? क्या यही है सुशासन? 1 लाख भर्तियों का रोस्टर कहाँ है?

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