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: मछली के साथ शत - प्रतिशत सब्सिडी भी डकारे अधिकारी - मत्स्य विभाग में लाखों का केज घोटाला जांच जारी....

Admin

Mon, Jun 3, 2024
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)  । मत्स्य विभाग में केज आवंटन में लाखों के घोटाले का मामला सामने आया है आरोप कि तत्कालीन सहायक संचालक ने अपने कार्यकाल में यहां आबंटन में फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है ऐसे चार केज मिले हैं जिनमें से एक विभागीय ड्राइवर की पत्नी, और दो चपरासियों की पत्नियों के नाम पर आबंटित किए गए है ,जबकि एक आदिवासी व्यक्ति के नाम से लिया गया है। उक्त व्यक्ति ने शिकायत कर बताया कि उसे केज आबंटन की जानकारी ही नहीं है और अधिकारियों ने कूट रचनाकर उसके नाम पर केज का आबंटन करवाया है। दरअसल लगभग 54 लाख की कीमत के केज शत प्रतिशत सब्सिडी के साथ आवंटित किए गए थे ,ऐसे ही कुल 4 केज नवागांव जलाशय में लगाए गए है। हाल ही में जब मत्स्य विभाग ने इनके लीज की रकम के लिए लाभार्थियों को नोटिस जारी किया तो पता चला कि इन हितग्राहियों को इस आबंटन की जानकारी ही नहीं है यह मामला वर्ष 2021 का है। हाल ही में खुलासा हुआ कि जिन लाभार्थियों के नाम पर केज आबंटित किए गए हैं वे इस पूरे मामले से अनजान है खैरागढ़- गंडई- छुईखदान जिले के ग्राम भोथली निवासी भुवन पोर्ते को भी विभाग से नोटिस मिला तो वह सन्न रह गया, उसने मामले की शिकायत एसपी विभाग विभागीय सहायक संचालक के अलावा सीएम तक की है। भवन ने शिकायत में बताया कि उसे उसने के आवंटन के लिए आवेदन ही नहीं किया था। अधिकारियों ने मिली भगत कर फर्जी तौर पर उसके नाम पर केज आबंटित कर लिया।गहनता पूर्वक जांच कराने पर मत्स्य विभाग में ऐसे और भी मामले सामने आने की आशंका जतायी जा रही है । आरोप लग रहे हैं कि तत्कालीन सहायक संचालक (मत्स्य विभाग) ने इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया है, षडयंत्र कर उन्होंने अलग-अलग लोगों के नाम से केज का फर्जी आबंटन किया है। इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत और डीएफ से 40 प्रतिशत यानी कुल 100 प्रतिशत सब्सिडी दी गई है कुल मिलाकर 54 लाख का केज लाभार्थियों को फ्री में मिलना था,लेकिन तत्कालीन सहायक संचालक ने इसका बेजा फायदा उठाने की गरज से लाखों के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। प्रदेश में भाजपा सरकार बननेे के बाद जब इस मामले की शिकायत सीएम से हुई तब संचालनालय ने इसकी गोपनीय जांच शुरू कर दी। भुवन के सामने आने के बाद इसमें और तेजी आई है अन्य लाभार्थियों से भी इस मामले में बयान बयान लिए जाने की तैयारी है। मामले में शीघ्र ही नये बड़े खुलासे की उम्मीद की जा रही है ।

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