: छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद गुरुमाता मिनिमाता की राजिम में मनायी गई 52 वीं पुण्यतिथि, किया गया कृतित्व का स्मरण.....
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Sun, Aug 11, 2024
प्रथम महिला सांसद गुरुमाता मिनिमाता की 52 वीं पुण्यतिथि राजिम में मनायी गई, किया गया कृतित्व का स्मरण........
राजिम (गरियाबंद ) ।छत्तीसगढ़ के प्रथम महिला सांसद गुरुमाता ममतामयी मिनिमाता जी की 52 वीं पुण्य तिथि गुरुघासीदास मंदिर प्रांगण राजिम में मनाकर स्मरण किया।दुजलाल बंजारे द्वारा माता जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर उनके द्वारा समाज उत्थान के लिए किये गये कार्यो प्रयासों को विस्तार से बता कर नमन किया।
सन् 1952 के लोक सभा उप चुनाव में , छत्तीसगढ ( रायपुर) से #प्रथम_महिला_सांसद के रूप में चुन कर लोक सभा पहुॅचीं और आजीवन ( 1952 , 1957, 1962, 1971 ) जांजगीर लोकसभा से सांसद रहीं । पूरे छत्तीसगढ का निरंतर दौरा किया करती थीं ।
गुरुमाता मिनिमाता द्वारा राजनीति में रहते हुए किए गए महत्वपूर्ण कार्य...
* 1955 में छुआछूत निवारण कानून ।
* 1967 हसदो महानदी परियोजना ।
* 1962 भिलाई इस्पात संयंत्र स्थापना ।
* 1967 दहेज निवारण कानून ।
* 1961 छत्तीसगढ महाविद्यालय भिलाई ।
* मिनीमाता बाॅगो बाध , बालको कोरबा , बैलाडिला - बचेली किरंडुल के विस्तार आदि
* 11 अगस्त सन् 1972 में , आधी रात्रि में विमान दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। तब से प्रति वर्ष 11 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ में "मिनीमाता_स्मृति_दिवस " का आयोजन होने लगा है।
माताजी का जीवन एवं कार्य को हम जितना अधिक प्रचारित करेंगे उतना ही अधिक छत्तीसगढ़ का वास्तविक पहचान देश दुनियां तक पहुंचेगा ।कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष दुजलाल बंजारे,कोषाध्यक्ष विष्णुराम जांगड़े,भागचंद चतुर्वेदी, ज्ञानिक गायकवाड़, राकेश भारती, ढेलु राम चंदेल,रणधीर कुमार मिरी एवं पुजारी कुसुन मिरी उपस्थित रहे।
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