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महारानी दुर्गावती का बलिदान साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा ~ओंकार शाह : रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आदिवासी समाज ने दिखाई संस्कृति की छटा और एकता की ताकत...

Deekay Thakur

Thu, Jun 25, 2026

छुरा (गरियाबंद) /देवेन्द्र साहू। आदिवासी समाज द्वारा बुधवार को छुरा नगर में वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती बलिदान दिवस जिला स्तरीय कार्यक्रम के रूप में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। विशाल कलश यात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों की आकर्षक प्रस्तुतियां, रक्तदान शिविर, छात्र सम्मान समारोह एवं नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम ने आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं आदिवासी विकास परिषद ब्लॉक छुरा के अध्यक्ष कुमार ओंकार शाह ने की। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिवासी समाज राजस्थान एवं पूर्व प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय हीरा मीणा उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में लोकेश्वरी नेताम, महेश्वरी शाह, लेखराज ध्रुव, पन्नाल ध्रुव, लोकेन्द्र कोमरा, खेदु नेगी, टीकम कपिल एवं गुजरात कपिल सहित अनेक समाज प्रमुख शामिल हुए ।

सुबह आदिवासी समाज के लोगो ने भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली। यात्रा बस स्टैंड स्थित रानी दुर्गावती चौक पहुंची, जहां वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उन्मुक्त खेल मैदान में विशाल आमसभा का आयोजन हुआ, जहां समाज के युवक-युवतियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रक्तदान कर दिया मानव सेवा का संदेश.....

आयोजन के दौरान रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं एवं समाजजनों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा और सामाजिक दायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में आदिवासी समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।अतिथियों ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी छत्रा ज्ञानेश्वर सिंह गंगवाल ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने स्वागत करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए ओंकार शाह ने कहा कि महारानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय इतिहास में अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने अपने राज्य, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष तथा अपने अधिकारों और अस्मिता की रक्षा का संदेश देता है। मुख्य वक्ता हीरा मीणा ने कहा कि महारानी दुर्गावती का जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और संस्कृति, परंपराओं तथा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया।

*शिक्षा, संगठन और एकता से ही होगा समाज का उत्थान : पन्नाल ध्रुव*

प्रांताध्यक्ष ध्रुव समाज एवं आदिवासी विकास परिषद के प्रमुख सलाहकार पन्नाल ध्रुव ने कहा कि महानिरी दुर्गावती का जीवन संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की अनुपम गाथा है। उनका बलिदान समाज को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति शिक्षा, संगठन और एकता से ही संभव है तथा युवाओं में अपने इतिहास और विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना समय की मांग है। कार्यक्रम में मानसीदास दिवान, पूरन सिंह ठाकुर, रंजीत सिंह ठाकुर, बलदाऊ राम ठाकुर, चंद्रशेखर रांगवंशी, प्रहलाद ध्रुव, दीनदयाल दिवान, हिराराम ध्रुव, शारदा दिवान, उमेश कुमार, भागवती दिवान, दीपक ध्रुव, नोहर सिंह ध्रुव, चंपेश्वर नेताम, टश्य नेताम, विश्वराम नांगेश, खेदराम कंवर, सेवकराम कंवर, ध्रुवन सिंह कंवर, अशोक कुमार दिवान, रामरतन नांगेश, फगवाराम खड़िया, मनहरन सिंह सावरा, राजकुमार नागवंशी, योगराज बरिहा, टेकेश्वर मरकाम, सुवेराम ओटी, बिसेराम जगत, चैतुराम नेताम, दयालु कुंजाम, कल्याण सिंह, तिहार सिंह नेताम, बुखराम मरकाम, श्रवण ठाकुर, मूंगेश्वरी ठाकुर, पार्वती ध्रुव, मिलनतिन कुंजाम, संतोष ध्रुव, रघुवीर ध्रुव, लूचन नेताम सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

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