राजिम जिला का पौने तीन साल पुराना वादा आज भी अधूरा : विधायक बताये राजिम कब बनेगा जिला..? पूर्व स्वीकृत विकास कार्यों का श्रेय लेने के बजाय अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताएं
पौने तीन साल बाद भी राजिम जिला बनाने का वादा अधूरा, विधायक रोहित साहू जनता को बताएं कब बनेगा राजिम जिला – रूपेश साहू
पूर्व स्वीकृत विकास कार्यों का श्रेय लेने के बजाय नई उपलब्धियां बताएं विधायक, कमीशनखोरी और पंचायतों पर दबाव के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच।
फिंगेश्वर/राजिम(छत्तीसगढ़) देवेन्द्र साहू। गुरुवार, 5 नवंबर 2026।ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर–राजिम के अध्यक्ष रूपेश साहू ने राजिम विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रोहित साहू से सवाल करते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व विधानसभा चुनाव के दौरान राजिम को जिला बनाने का बड़ा-बड़ा वादा कर सत्ता हासिल करने वाले विधायक आज जनता को बताएं कि आखिर राजिम जिला कब बनेगा? पौने तीन साल का कार्यकाल पूरा होने की ओर है, लेकिन जिला बनाने की मांग आज भी अधूरी है। चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि अब इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मौन क्यों हैं? राजिम की जनता ने विकास की उम्मीद के साथ भाजपा को अवसर दिया था, लेकिन आज क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर सवाल कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत कार्यों का वर्तमान में केवल लोकार्पण और फीता काटकर श्रेय लेने की राजनीति दिखाई दे रही है। विधायक बताएं कि उनके कार्यकाल में कौन-कौन से नए विकास कार्य स्वीकृत हुए और कितने धरातल पर पूरे हुए? राजिम विधानसभा क्षेत्र में 30 प्रतिशत कमीशनखोरी को लेकर लगातार शिकायतें और चर्चाएं सामने आ रही हैं। अवैध रेत उत्खनन, अवैध प्लाटिंग तथा पंचायतों में निर्माण कार्यों की स्वीकृति को लेकर सरपंचों पर कथित दबाव बनाए जाने के आरोप गंभीर हैं। यदि कहीं भी 30 प्रतिशत कमीशन लेकर काम देने की शिकायतें सही हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पंचायतों को विकास का माध्यम बनाया जाना चाहिए, न कि उन्हें कथित कमीशनखोरी और दबाव का केंद्र। साहू ने कहा कि गांवों में सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से विकास कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधियों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और ग्रामीण विकास दोनों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने विधायक रोहित साहू से पांच सीधे सवाल पूछे—
1. तीन वर्ष पूर्व किया गया राजिम को जिला बनाने का वादा अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ?
2. वर्तमान कार्यकाल में स्वीकृत नई विकास योजनाओं और पूर्ण हुए कार्यों का हिसाब जनता के सामने कब रखा जाएगा?
3. अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
4. अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा?
5. पंचायतों और सरपंचों पर कमीशन देने के दबाव संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कब कराई जाएगी?
राजिम केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां की जनता को सिर्फ चुनावी वादे, भाषण और फीता काटने की राजनीति नहीं, बल्कि धरातल पर विकास चाहिए। जनता को अपने विधायक से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के सवाल और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही हमेशा कायम रहती है। विधायक रोहित साहू को अब चुनावी वादों से आगे बढ़कर अपने पौने तीन साल के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। राजिम की जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है।
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