BREAKING NEWS

पॉच साल में एक लाख सरकारी नौकरी देने का था वादा, तीन साल में पॉच हजार भी भर्ती नही ~ सुंदर साहू

सीआरपीएफ की 211 वीं बटालियन ने 90 पौधे लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश...

चलने का संकल्प ले कांग्रेस जन~ फिंगेश्वर-राजिम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जेंजरा मनायी जयंती ...

की अध्यात्मिक साधना ~ अमरकंटक की धरा में लिया साधना और जनकल्याण का संकल्प...

गरीबो का राशन हो रहा है लैप्स ~ भुनेश्वरी बंजारे

Advertisment

कांग्रेस संगठन के कुशल शिल्पकार, सर्व प्रिय -जमीनी जननायक, छ.ग.शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व अध्यक्ष माननीय श्री मोहन मरकाम जी को जन्मदिन(15 सितंबर) की हार्दिक बधाई ,कोटि -कोटि शुभकामनाएं: - विनीत ~~ समस्त शुभचिंतक गण - गरियाबंद (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त प्रभारी माननीय श्री सुखदेव भगत जी के छत्तीसगढ़ की पावन धरा में प्रथम आगमन पर हार्दिक स्वागत, शत-शत अभिनंदन: - विनीत ~ समस्त कांग्रेस परिवार गरियाबंद (छ.ग.) दिनांक 27 सितं. रायपुर

बीईओ कार्या. फिंगेश्वर में फोन पे के "150 - 300" रूपट्टी के चुचुटिया : फटाकों के बीच " 50 हजारिया " एटम बम का धमाका.. " जीरों टॉलरेंस " के झंडाबदारोंं ने डाली कानों में रूई...?

Deekay Thakur

Mon, May 25, 2026

बीईओ कार्यालय फिंगेश्वर में "150 - 300 " रूपट्टी के चुचुटिया फटाकों के बीच " 50 हजारिया " एटम बम का धमाका ..?

राजिम( गरियाबंद)। सुशासन तिहार के जश्न और जीरो टॉलरेंस की दुदुंभियों बीच राजिम विधानसभा के अधीनस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय फिंगेश्वर अपनी अनैतिक कारगुजारियों से सुर्खियों में बना हुआ है फोनपे के माध्यम से शिक्षकों से अवैध वसूली की चल रही कछुआ चाल से जांच के बीच कार्यालय से जुड़ा एक और बेहद ही संगीन मामला सामने आया है ताजा तरीन मामला प्राथमिक शाला मुड़तराई में कार्यरत सहायक शिक्षा शिक्षक परमानंद ध्रुव की 13 मार्च 2025 को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद का है शासन के नियमानुसार मृत्यु के पश्चात शिक्षक के आश्रित परिवारों को मिलने वाली ग्रेच्यूटी, बकाया स्वायत्त्वों के भुगतान एवं पेंशन प्रकरण का है प्रकरण के एक माह के भीतर त्वरित निराकरण के लिए उच्च अधिकारियों को भेजने के लिए ₹50000 की रिश्वत की मांग कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी एवं लिपिक द्वारा की जा रही है। पीड़िता का कहना है कि महज इसी वजह से मामला खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय फिंगेश्वर द्वारा लगभग एक साल से लटकाए रखा गया है। संबंधित अधिकारी की अधीनस्थ कर्मी के दुखी परिजनों के प्रति संवेदना विहीन यह हठधर्मिता के पीड़ित आश्रित परिवार के लिए दुबर को दो आषाढ़ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है एक तरफ पति की आकाल मृत्यु का गम और आर्थिक संकट तो दूसरी ओर प्रशासनिक सितम, जिसके चलते पाई - पाई को मोहताज पीड़िता के अध्ययनरत वयस्क बच्चों के भविष्य पर गंभीर संकट मंडराने लगा है अपने वैधानिक हक के लिए बीते एक साल से दर-दर भटकती पीडिता का संबंध उस वर्ग से है जिस वर्ग से हमारे प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री और जिले के माननीय कलेक्टर महोदय आते हैं रिश्वतखोरी को लेकर जूतम पैजार की भाषा में बात करने वाले जीरो टॉलरेंस के झंडाबदार रुतबे वाले जनप्रतिनिधियों की फिंगेश्वर बीईओ कार्यालय में जारी अवैध गतिविधियों पर मौनी बाबा बने रहना क्षेत्रीय जनमानस एवं कर्मचारी वर्ग को नागवार गुजर रहा हैं, इस अनापेक्षित चुप्पी को लेकर तरह - तरह की चर्चाएं भी होने लगी है । इधर मामले पर लगातार लगभग एक साल तक मानसिक प्रताड़ना,आर्थिक तंगी और संबंधित अधिकारियों से मिली धौंसबाजी से हलाकान पीड़िता ने अंतत 20 मई 2026 को संयुक्त संचालक लोक शिक्षा संचनालय शिक्षा यह संभाग रायपुर से शिकायत करते हुए रिश्वत की मांग करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है जहां मामले पर त्वरित जांच और कार्यवाही का भरोसा पीड़िता को अधिकारियों द्वारा दिलाया गया है । बहरहाल यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि दिवंगत शिक्षक के आश्रित परिवार को उनका वाजिब हक मिलने के साथ अपने अधीनस्थ कर्मचारी की आपदा को अवसर बनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही क्या ? और कब तक होगी ?

**प्रभारियों के भरोसे गरियाबंद शिक्षा विभाग! सुशासन तिहार के बीच व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल*...?

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार” इन दिनों पूरे प्रदेश में संचालित है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण, प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। शासन स्तर पर जहां अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रियता और जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया जा रहा है, वहीं गरियाबंद जिले का शिक्षा विभाग इन दिनों अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा और सवालों के घेरे में दिखाई दे रहा है। जिले के फिंगेश्वर, गरियाबंद, मैनपुर एवं देवभोग विकासखंडों में लंबे समय से प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से विभागीय कार्यों का संचालन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी नियुक्तियों के स्थान पर लंबे समय तक प्रभार आधारित व्यवस्था रहने से प्रशासनिक कार्यों की गति और निगरानी प्रणाली प्रभावित होती है। इसका असर शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी पड़ सकता है। इसी बीच फिंगेश्वर ब्लॉक से जुड़े हाईप्रोफाइल सस्पेंशन प्रकरण और फिंगेश्वर क्षेत्र में सामने आए कथित फोन-पे के माध्यम से शिक्षकों से अवैध वसूली प्रकरण में उलझे जिला के लिए प्रस्तावित सैनिक स्कूल के मामले में जनभावनाओं के प्रतिकुल शासन को गुमराह पूर्ण -भ्रामक प्रतिवेदन भेजने वाले प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद जगजीत सिंह धीर के लंबे अवकाश पर रहने को लेकर भी विभिन्न प्रकार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक गलियारों और शिक्षा जगत में यह सवाल उठ रहे हैं कि महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय गतिविधियों के बीच जिला स्तर के प्रमुख अधिकारी का लंबे समय तक अवकाश पर रहना कई आशंकाओं और संदेहों को जन्म दे रहा है। लोगों की मांग है कि यदि किसी प्रकार के आरोप या शिकायतें सामने आई हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं शिक्षा विभाग में पूर्व में विवादों से जुड़े बताए जा रहे ब्लैकबोर्ड खरीदी प्रकरण के एक व्याख्याता को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (प्रशासन) का दायित्व दिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभागीय प्रशासनिक दायित्वों के निर्धारण में योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा फिंगेश्वर सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का स्थानीय स्तर पर प्रभार आधारित संचालन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि शासन की शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी संचालन और जमीनी स्तर तक बेहतर क्रियान्वयन के लिए बीआरसीसी जैसे पदों पर शासन स्तर से नियमित नियुक्ति अधिक प्रभावी मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर अस्थायी अथवा प्रभार व्यवस्था के कारण योजनाओं के संचालन और निगरानी में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान जब शासन पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश दे रहा है, तब गरियाबंद शिक्षा विभाग की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता दर्शाते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग और शासन स्तर पर इन मुद्दों पर क्या पहल होती है।*अटैचमेंट के मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस राज्य शासन के आदेश की अवहेलना करते हुए युक्तियुक्तकरण के बाद अटैचमेंट का खेल गरियाबंद जिला में भी फल फूल रहा है चाहे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय हो या विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैचमेंट का खेल चल रहा है देवभोग विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल डुमरबहाल पदस्थ व्याख्याता संस्कृत धनवंतरी कुमार सिन्हा को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय फिंगेश्वर में अटैच किया गया जो आज भी वही कार्य कर रहे हैं। छुरा विकासखंड के कुछ शिक्षक जिसे युक्तियुक्त करण के बाद मैनपुर विकासखंड पदस्थ किया गया ,जिसे निलंबित कर पुनः छुरा विकासखंड में माह अप्रैल 2026 में जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद द्वारा पदस्थ किया गया जो जांच का विषय है। हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को पत्र लिखकर अटैचमेंट समाप्त किए जाने के बाद भी जिला और ब्लॉक स्तर के ऑफिसों तथा हॉस्टलों में अटैच शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्राचार्यों की जानकारी मांगी है। छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग स्थानांतरण नीति 5 जून 2025 को जारी किया गया था जिसके कंडिका क्रमांक 3.17 में स्पष्ट निर्देश दिया गया है सभी तरह के कर्मचारीयो के अटैचमेंट को तत्काल प्रभात से समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद भी गरियाबंद जिला शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल लगातार चल रहा है। जो शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। अटैचमेंट के नाम पर जिला स्तर पर बड़ा खेल खेला गया। जिला स्तर के अधिकारियों ने मनमर्जी से चहेते शिक्षकों, व्याख्याताओं को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे है। गरियाबंद जिला में भी शासन द्वारा जांच हो जिससे कि शासन के योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से हो पाए । अटैचमेंट के मामले में कुछ जिला शिक्षा अधिकारियों को शासन द्वारा कारण बताओ नोटिश जारी हुआ है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें