नीट पेपर - लीक मामला लाखो छात्रो के भविष्य से खिलवाड़ : भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा माफियाओं को खुला संरक्षण: -तेजेश यदु
Deekay Thakur
Wed, May 13, 2026
नीट पेपर_लीक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा_माफियाओं को संरक्षण- तेजेश यदू
पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है,दोषी सजा के बजाय पुरस्कृत किए जाते हैं
फिंगेश्वर(गरियाबंद) । पेपर लीक के चलते 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा को रद्द किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फिंगेश्वर मंडल कांग्रेस अध्यक्ष तेजेश यदू ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार इसी तरह से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करती है। भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा माफिया को संरक्षण देकर पेपर लिख करवाए जाते हैं जिसका भुगतान छात्रों को भुगतना पड़ता है। बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहा है। पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्यवाही किया था। जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और एनटीए के डीजी को पद से हटा दिया, लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी, उसके बाद छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बना दिया और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। बेहद स्पष्ट है कि पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है। भाजपा सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है। कारण साफ है- पेपर लीक के इस गोरखधंधे में भाजपा सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है।भाजपा की सरकार में परीक्षा की सुचिता लगातार भंग हो रही है, भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं। दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन 22 लाख छात्रों ने सालों से मेहनत की उन्हें दोबारा परीक्षा में झोंकना उनके साथ अन्याय है, बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है।
@@@ प्रेस विज्ञप्ति @@@
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