भाजपा शासन काल में बच्चों की तिमाही परीक्षा भी अव्यवस्था का शिकार : कहीं प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी तो कहीं ब्लैक बोर्ड पर लिखे सवाल, सरकार बताएं यह कौन सी बेहतर शिक्षा व्यवस्था..?
भाजपा सरकार में बच्चों की तिमाही परीक्षा भी बनी अवस्था का शिकार -चेतन सिंन्हा
कहीं प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी, कहीं ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा, सरकार बताएं यह कैसी बेहतर शिक्षा व्यवस्था?
फिंगेश्वर/राजिम/ देवेन्द्र साहू । छत्तीसगढ़ में पहली से 12वीं तक तिमाही परीक्षाएं शुरू हो गई हैं लेकिन परीक्षा के पहले ही दिन प्रश्न पत्रों की व्यवस्था को लेकर सामने आए शिकायतों ने स्कूल शिक्षा विभाग की तैयारी की पोल खोल दी है! जिला कांग्रेस महामंत्री चेतन सिन्हा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा की जिस सरकार के पास बच्चों के परीक्षा के लिए व्यवस्थित प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं है वह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रही है? उन्होंने ने कहा कि प्रदेश के अनेक स्कूलों में प्रिंटेड प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आई है कहीं शिक्षकों को प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी करवानी पड़ी तो कहीं ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न पत्र लिखकर बच्चों से कॉपियां में उत्तर लिखवाया गए। पेपर की जगह ब्लैक बोर्ड सरकार ने परीक्षा को मजाक बना दिया प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के बच्चों के लिए परीक्षा सिर्फ प्रश्न पढ़कर उत्तर लिखने का विषय नहीं होता छोटे-छोटे बच्चों के प्रश्न पत्र में चित्र तालिका और अन्य दृश्य सामग्री भी होती है। सिन्हा ने कहा कि जिस परीक्षा के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर आकलन होता है इसकी शुरुआत ही व्यवस्था और लापरवाही के साथ हुई है वहीं कुछ प्रश्न पत्रों में त्रुटि और प्रश्नों की पूर्णरावृत्ति की शिकायत भी सामने आई है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को तय करनी चाहिए भाजपा सरकार बच्चों को अच्छे भविष्य के सपने दिखाते हैं लेकिन परीक्षा के दिन बच्चों के हाथ में प्रश्न पत्र तक नहीं पहुंच पा रही है कहीं फोटोकॉपी कहीं ब्लैक बोर्ड और कहीं प्रश्न पत्र में कथित त्रुटियां यह शिक्षा व्यवस्था की मजबूती नहीं सरकारी तैयारी की कमजोरी का सवाल है।(प्रेस विज्ञप्ति)
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